हिमाचल में रिकार्ड चेरी उत्पादन की संभावना

शिमला, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के चेरी किसानों को इस वर्ष जबरदस्त पैदावार की आशा है।

सोलन स्थित डा.वाई.एस.परमार बागवानी और वन विश्वविद्यालय के संयुक्त निदेशक एस.पी.भारद्वाज ने कहा कि मार्च-अप्रैल में मौसम अनुकूल रहने के कारण इस बार चेरी की जबरदस्त पैदावार की उम्मीद है।

हिमाचल प्रदेश में 2008-09 में 453 टन चेरी का उत्पादन हुआ था, यद्यपि वर्ष 2007-08 में यह 698 टन था।

बागवानी अनुसंधान अधिकारी दौलत राम ने कहा कि राज्य बागवानी विभाग को उम्मीद है कि इस वर्ष उत्पादन 2007-08 के स्तर को पार कर जाएगा।

हिमाचल प्रदेश में सेब के विकल्प के रूप में चेरी का उत्पादन लोकप्रिय हो रहा है। शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा, किन्नौर, लाहुल और स्पीति की ऊंची ढलाने चेरी की खेती के लिए आदर्श हैं। बागवानी विभाग के अनुसार करीब 10,000 किसान जिसमें अधिकांश छोटे किसान हैं, 374 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में चेरी का उत्पादन करते हैं।

कुल्लू जिले के एक किसान सूरज डोगर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण सेब की गिरती पैदावार ने कुल्लू, शिमला और मंडी जिलों के कुछ इलाकों में सेब की जगह चेरी उत्पादन को पूरी तरह स्थापित कर दिया है।

उन्होंने कहा कि सेब की तुलना में चेरी की फसल पर बहुत कम ध्यान देने की जरूरत होती है और कीमत भी करीब उतनी ही है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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