मनमोहन-आडवाणी पर जूता फेंकने की कोशिश

प्रधानमंत्री उस समय रैली को संबोधित कर रहे थे. जूता प्रधानमंत्री के मंच से कुछ दूरी पर गिरा. सुरक्षाकर्मी उस युवक को सभा स्थल से बाहर ले गए.
इस घटना के बीच प्रधानमंत्री भाषण देते रहे. दूसरी ओर सुरक्षाकर्मियों ने उस युवक की तलाशी ली और फिर उसे बाहर ले गए.
युवक का नाम हितेश चौहान बताया जा रहा है. कांग्रेस ने इसे सस्ती लोकप्रियता की कोशिश बताया है. पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि इस घटना को अहमियत नहीं देनी चाहिए.
प्रधानमंत्री की सभा के कुछ घंटों बाद ही गांधीनगर से प्रत्याशी और भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार लालकृष्ण आडवाणी पर भी जूता फेंकने की कोशिश की गई.
हालांकि ये कोशिश नाकाम रही और सुरक्षाकर्मियों ने कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया.
घटनाएँ
इराक़ में अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पर एक पत्रकार ने जूता फेंका था. उसके बाद से कई नेताओं पर जूता फेंकने की कोशिश की गई है.
इस व्यक्ति पर जूता फेंकने की कोशिश करने का आरोप है
ब्रिटेन में चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ पर जूता फेंकने की कोशिश हुई तो भारत में भी कई नेताओं पर ऐसी कोशिशें हुई.
एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान गृह मंत्री पी चिदंबरम पर एक पत्रकार जरनैल सिंह ने जूता फेंका तो भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी पर चप्पल फेंकने की कोशिश हुई.
हरियाणा में कांग्रेस के नेता नवीन जिंदल पर भी जूता फेंकने की कोशिश की गई थी.


Click it and Unblock the Notifications