सत्यपाल जैन एक बार फिर चंडीगढ़ से चुनाव मैदान में
चंडीगढ़, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। सत्यपाल जैन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर एक बार फिर चंडीगढ़ के चुनावी मैदान में खम ठोंक रहे हैं। एक जमाने में अखबार के हॉकर रहे जैन अब तक दो बार लोकसभा पहुंच चुके हैं।
चंडीगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़े उम्मीदवारों में जैन (56 वर्ष) सबसे कम उम्र के और संभवत: सबसे शिक्षित उम्मीदवार हैं। उन्होंने वर्ष 1991 में पहला लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 1996 और 1998 के चुनाव वह जीतने में कामयाब रहे लेकिन 2004 में फिर हार गए।
जैने ने आईएएनएस से कहा, "मेरे पैर जमीन पर रहते हैं। मुझे अभी भी याद है कि सड़के के किनारे अखबार की छोटी सी दुकान पर मैं अपने पिता की मदद करता था। मैंने जिंदगी में बहुत परेशानियों का सामना किया है और सभी यादें मेरे दिमाग में ताजा हैं।"
उनका कहना है, "ये यादें मुझे उन लोगों के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करती हैं जो लोग निचले तबके के हैं और बुनियादी जरूरतों से महरूम हैं।"
पंजाब के एक निम्न मध्य वर्गीय परिवार में जन्में जैन का मुकाबला इस बार मौजूदा सांसद और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पवन कुमार बंसल से है जो कांग्रेस के टिकट पर फिर से चुनाव मैदान में हैं।
बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की जब लिब्राहन आयोग ने जांच शुरू की तो जैन भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के वकील रहे। उनकी पत्नी शशि बाला जैन कहती हैं, "जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो मैं उनकी पत्नी होने पर गर्व महसूस करती हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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