आईएमएफ में उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं

वाशिंगटन, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। भले ही वैश्विक वित्तीय स्थितियों में सुधार के संकेत मिल रहे हों लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के 24 सदस्यीय निर्णय लेने वाले पैनल की बैठक में उभरती अर्थव्यवस्थाओं को और अधिक अधिकार देने के मुद्दे पर कोई हलचल नहीं दिखी।

शनिवार को हुई इस बैठक में भारत ने मांग की थी कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं को संस्था में और अधिक ताकत दी जाए। इस पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की वित्तीय समिति (आईएमएफसी) ने कहा कि सदस्यों की वोटिंग पॉवर की आगामी समीक्षा के दौरान उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों को अधिक शक्ति दी जाएगी।

हालांकि भारत, चीन और ब्राजील जैसे उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों की अधिक ताकत की मांग को अमेरिका की ओर से मदद मिली जब उसके वित्त मंत्री टिमोथी गीथनर ने आईएमएफसी से कहा कि वक्त आ गया है जब आईएमएफ की कार्यवाही में इन देशों को उचिति प्रतिनिधित्व दिया जाए।

बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा कि भारत चाहता है कि आईएमएफ के प्रबंधन में उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों को उचित प्रतिनिधित्व मिले।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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