'भारत के लिए खतरे की घंटी है तालिबान'

राजनाथ ने इससे पहले कहा कि तालिबानियों से सिर्फ पाकिस्तान को ही नहीं, बल्कि भारत को भी है, क्योंकि अब वे भारतीय सीमाओं की ओर बढ़ रहे हैं। उनसे निपटने के लिए भारत को विश्व समुदाय को भरोसे में लेकर प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश में चुनावी प्रवास पर आए राजनाथ सिंह ने यहां संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि दक्षिण एशिया में शान्ति बनाए रखने के लिए जरूरी है कि तालिबानियों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जाए। यह तभी संभव है जब देश की सरकार प्रबल इच्छा शक्ति वाली हो। राजनाथ सिंह को नहीं लगता कि वर्तमान की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन वाली केन्द्र सरकार में यह इच्छा शक्ति है।
यूपीए सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ गंभीर नहीं
राजनाथ सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मुम्बई हादसे के बाद प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने केन्द्र सरकार का पूरा साथ दिया था, परंतु केन्द्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जिससे लगे कि सरकार आतंकवाद के मुद्दे पर गंभीर है। कंधार प्रकरण की चर्चा करते हुए राजनाथ ने कहा कि तत्कालीन केन्द्र सरकार ने इस मसले पर सर्वसम्मति से फैसला लिया था और इसकी जानकारी सभी को थी।
लालकृष्ण आडवाणी द्वारा एक पत्रिका को दिए गए साक्षात्कार में इस चुनाव के बाद प्रधानमंत्री न बनने पर सन्यास लेने की बात कहे जाने पर राजनाथ सिंह ने सफाई देते हुए कहा है कि शनिवार को उनकी आडवाणी से चर्चा हुई है और उन्होंने कहा है कि वह चुनाव के बाद राजनीति से सन्यास नहीं लेंगे। इतना ही नहीं वे पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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