भारत ने नेपाल से सेना में दखल न देने को कहा
काठमांडू, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में भारतीय राजदूत राकेश सूद ने रविवार को प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' को दिल्ली के इस सुझाव से अवगत करा दिया कि वह सेना के नेतृत्व में हस्तक्षेप न करें।
माओवादी सरकार सेना प्रमुख जनरल रूकमांगद कटवाल को उनके अवकाश ग्रहण करने की तिथि से चार महीने पहले ही बर्खास्त करना चाहती है।
भारत सरकार द्वारा एक आपात मंत्रणा के लिए बुलाए गए राजदूत सूद शनिवार को काठमांडू वापस लौटे। उन्होंने सेना प्रमुख को राजनीति कारणों से नहीं हटाने के भारतीय रुख को नेपाली प्रधानमंत्री के सामने रखा।
रविवार को प्रचंड के साथ हुई उनकी मुलाकात में तीन अन्य माओवादी मंत्री- वित्त मंत्री बाबूराम भट्टराई, शांति और पुनर्निर्माण मंत्री जनार्दन शर्मा प्रभाकर तथा रक्षामंत्री रामबहादुर थापा और एक वरिष्ठ नेता नारायण काजी श्रेष्ठ भी उपस्थित थे।
बहरहाल चारों में से किसी भी नेता ने मीडिया से कुछ नहीं कहा। परंतु 19,000 माओवादी लड़ाकों को सेना में शामिल करने के प्रयास का विरोध करने वाले कटवाल को हटाने के ये सभी समर्थक हैं।
अन्य माओवादी नेताओं ने भी कहा कि कटवाल के न हटाए जाने पर वे गठबंधन सरकार से अलग हो जाएंगे।
प्रचंड ने रविवार को राष्ट्रपति रामबरन यादव से भी भेंट की, जो राष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख होने के साथ ही सेना के भी प्रमुख हैं। इससे संकेत मिलता है कि प्रमुख विपक्षी दल के विरोध और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के दबाव के बावजूद प्रचंड की सरकार सेना प्रमुख को हटाना चाहती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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