काले धन पर सरकार सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र पेश करेगी
एक याचिका में काले धन को वापस लाने के मामले में हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने के आरोप के मामले में सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के.जी.बालाकृष्णन के सामने बुधवार को यह वादा किया था।
अतिरिक्त महान्यायवादी गोपाल सुब्रमण्यम ने जोर देकर कहा था कि सरकार इस मामले पर हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है और उन्होंने इस संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी देने के लिए 48 घंटे के भीतर शपथ पत्र पेश करने का वादा किया था।
सरकार द्वारा खुद तय की गई समय सीमा बुधवार दोपहर दो बजे आरंभ हुई और शाम चार बजे समाप्त हो गई।
सर्वोच्च न्यायालय ने इस संबंध में कोई औपचारिक नोटिस नहीं जारी किया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई चार मई तक के लिए स्थगित कर दी है। परंतु सूत्रों के अनुसार सरकार इस मामले में सोमवार को शपथ पत्र पेश करेगी।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली स्थित अखबार ' फाइनेंशियल टाइम्स' ने 27 फरवरी 2008 को एक रिपोर्ट छापी थी। इसमें कहा गया था कि जर्मनी के एलजीपी बैंक के एक पूर्व कर्मचारी ने पूरी दुनियाभर के कर अधिकारियों को 1400 लोगों की सूची बेची थी। जर्मन सरकार ने खुद अपने देश के कर चोरों की सूची खरीदी थी।
सुब्रमण्यम ने बुधवार को कहा कि सरकार ने खबर छपने के 24 घंटे के भीतर जर्मन सरकार से सूची में शामिल भारतीयों के बारे में जानकारी मांगी थी और उसे जर्मन सरकार का जवाब भी हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि इन सूचनाओं को खुली सुनवाई में बताना उचित नहीं है।
इस याचिका को पूर्व कानून मंत्री राम जेठमलानी, लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप और पंजाब पुलिस के पूर्व महानिदेशक के.पी.एस. गिल ने संयुक्त रूप से मंगलवार को दाखिल किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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