श्रीलंका में प्रांतीय चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन की जीत (लीड-1)
राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के युनाइटेड पीपुल फ्रीडम एलायंस (यूपीएफए) को कुल पड़े मतों के 65 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं। इस चुनाव में विपक्ष की करारी हार हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के नेतृत्व वाली युनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) 30 प्रतिशत मत हासिल कर दूसरे स्थान पर है।
सत्ताधारी गठबंधन को यह जीत लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई की सफलता के बीच प्राप्त हुई है।
चुनाव परिणाम के मुताबिक 104 सदस्यों वाली प्रांतीय परिषद में यूपीएफए को 68 सीटें मिली हैं, जबकि यूएनपी को 30 सीटें प्राप्त हुई हैं।
श्रीलंका में तीसरी राजनीतिक शक्ति के रूप में पहचानी जाने वाली पार्टी मार्क्सिस्ट जनता विमुक्ति परामुना (जेवीपी) को इस चुनाव में तीन सीटें हांसिल हुई हैं। इसके अलावा श्रीलंका मुस्लिम कांग्रेस ने दो सीटें जीती हैं तथा एक अन्य अल्पसंख्यक पार्टी को एक सीट पर जीत हासिल हुई है।
पश्चिमी प्रांतीय परिषद के तहत गामपाहा और कालुतारा जिले भी आते हैं। मतदाताओं (3,820,214) के लिहाज से यह देश की सबसे बड़ी प्रांतीय परिषद है।
सरकारी प्रवक्ता अनुरा प्रियदर्शना यापा ने कहा, "मतदाताओं ने राष्ट्रपति के संयुक्त श्रीलंका के आह्वान को स्पष्ट तौर पर समर्थन दिया है। राष्ट्रपति खुद पर और आतंकवादियों के सफाए में भरोसा रखते हैं और जनता ने भी उनमें अपना भरोसा जता दिया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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