प्रधानमंत्री ने जूता फेंकने की कोशिश करने वाले को माफ किया (लीड-3)
जूता फेंके जाने पर प्रधानमंत्री ने क्षण भर के लिए अपना भाषण रोका। विशेष सुरक्षा दस्ते (एसपीजी) का एक सदस्य तुरंत जूते के पास पहुंच गया। जूता मंच से करीब 20 मीटर दूर गिरा था।
उस व्यक्ति को सुरक्षा बलों ने तत्काल हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए ले गए। जूता फेंकने की कोशिश करने वाले शख्स की पहचान हितेश चौहान (20 वर्ष) के रूप की गई है और वह एक कंप्यूटर
* इंजीनियर है।
पुलिस ने कहा कि हितेश चौहान प्रेस दीर्घा के समीप पहली कतार में ही बैठा था।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चौहान ने बताया कि वह किसी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं है। यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया कि किस कारण से चौहान विरोध दर्ज कराना चाहता था। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से अपने पर किए गए हमले के खिलाफ चौहान विरोध जताना चाहता था।
प्रधानमंत्री के साथ मंच पर गुजरात के नेता प्रतिपक्ष शक्ति सिंह गोहिल और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
जूता फेंकने के बाद कोई हंगामा नहीं हुआ और 500 से अधिक लोगों ने सभा में प्रधानमंत्री का भाषण शांतिपूर्वक सुना।
नई दिल्ली में कांग्रेस और भाजपा दोनों के प्रवक्ताओं ने इस घटना की निंदा की।
यह सुना गया है कि प्रधानमंत्री ने पुलिस से युवक के खिलाफ मामला दर्ज करने पर जोर नहीं देने को कहा है।
लोकसभा चुनाव के दौरान यह चौथा मौका है जब किसी राजनेता पर जूता फेंकने की घटना हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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