मध्य प्रदेश में आचार संहिता उल्लंघन के 266 मामले दर्ज
मध्य प्रदेश में दूसरे चरण में 16 संसदीय क्षेत्रों में होने वाले मतदान की तैयारियों की समीक्षा के लिए आए चुनाव आयुक्त कुरैशी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आयोग का सारा जोर निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव कराने पर है। इसके लिए केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। आयोग के पर्यवेक्षक हर उम्मीदवार की गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं और शिकायतों पर कार्रवाई भी कर रहे हैं। सम्मेलन में निर्वाचन आयुक्त वी़ एस़ संपथ और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ज़े एस़ माथुर भी मौजूद थे।
चुनाव आयोग डमी उम्मीदवारों की गतिविधियों पर भी नजर रखे हुए है। कुरैशी ने कहा कि कई उम्मीदवार डमी उम्मीदवारों को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ हासिल कर लेते है। ऐसा न हो इसके लिए चुनाव आयोग सतर्क है।
उन्होंने बताया कि उनसे कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की है जिसमें एक दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं और मतदान के दौरान आने वाली समस्याओं का भी जिक्र किया गया है। उम्मीदवारों को मतदान के समय एजेन्टों के बैठने के स्थान को छायादार बनाने की अनुमति दी गई है मगर उसका आकार तय रहेगा। निर्वाचन अधिकारियों को मतदान केन्द्रों पर पानी के इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश में 30 अप्रैल को सभी संसदीय क्षेत्रों में मतदान पूरा हो जाएगा, इसलिए चुनाव आयोग ने 30 अप्रैल के बाद राशन कार्ड के वितरण का काम शुरू करने की अनुमति दी है। साथ ही प्रदेश सरकार को सूखा प्रभावित जिलों में राहत कार्य करने अनुमति भी दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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