श्रीलंका में युद्ध रुकवाने के भारतीय प्रयासों के हक में है अमेरिका
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता राबर्ट वुड ने भारत की ओर से दो विशेष दूत श्रीलंका भेजे जाने का उल्लेख करते हुए शुक्रवार को कहा, "हम लड़ाई रुकवाने के भारतीय प्रयासों का समर्थन करते हैं।"
भारत ने श्रीलंका में जारी लड़ाई के प्रति चिंता व्यक्त करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम के नारायणन और विदेश सचिव शिवशंकर मेनन को कोलंबो भेजा था।
वुड ने कहा कि अमेरिका सरकार श्रीलंका और भारत की सरकारों के नियमित संपर्क में है, लेकिन फिलहाल कोई दूत कोलंबो नहीं भेजा जाएगा।
वुड ने कहा, "युद्ध वर्जित क्षेत्र में बचे नागरिकों की सुरक्षा के प्रति हम बेहद चिंतित हैं।" युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से हजारों नागरिक पलायन कर चुके हैं और कई मारे जा चुके हैं तथा हजारों लोग अभी तक वहीं फंसे हुए हैं।
श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों से लड़ाई रोकने का अनुरोध करते हुए अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि विद्रोहियों को नागरिकों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करना तथा उन्हें नुकसान पहुंचाना बंद कर देना चाहिए और उन्हें तीसरे पक्ष के समक्ष हथियार डाल देने चाहिए।
वुड ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को लड़ाई बंद कराने में भूमिका निभाने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने अमेरिका युद्ध वर्जित क्षेत्र में सहायता कर्मियों का दल भेजने के संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के फैसले के हक में है।
अमेरिका ने श्रीलंका सरकार से युद्ध वर्जित क्षेत्र में दल भेजने, आपूर्ति भेजने की इजाजत देने और विस्थापितों के बारे में सूचनाएं संयुक्त राष्ट्र के साथ बांटने का भी अनुरोध किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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