संयुक्त राष्ट्र दूत का श्रीलंका दौरा
होल्मस कोलंबो में सरकारी अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र के पदाधिकारियों से भेंट करेंगे। उनके शरणार्थियों के मसले पर चर्चा करने की उम्मीद है। कोलंबो में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गोर्डन वाइस ने कहा कि उन्होंने युद्ध क्षेत्र में जाने की अनुमति नहीं मांगी है।
इससे पहले श्रीलंका सरकार ने कहा था कि वह संयुक्त राष्ट्र के किसी भी दल को युद्ध क्षेत्र में जाने की अनुमति देगी लेकिन बाद में कहा कि यह व्यावहारिक नहीं हो सकता है।
समर्पण करने वाले एक प्रमुख नेता के हवाले से सरकार ने कहा कि मुल्लइतिवु जिले में विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके में अनुमानत: 20,000 नागरिक फंसे हुए हैं। उधर लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) ने एक बयान में कहा कि करीब 165,000 नागरिक अभी भी तटीय इलाके में फंसे हुए हैं और खाद्यान्न की कमी का सामना कर रहे हैं।
बयान में संयुक्त राष्ट्र से तत्काल सहायता देने का आग्रह करते हुए कहा गया है कि श्रीलंका सरकार के जानबूझकर खाद्य और अन्य मानवीय आपूर्ति से इंकार करने के कारण तटीय इलाके के लोग गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। लड़ाई के कारण रेडक्रास के झंडे वाला एक जहाज तट तक नहीं पहुंच सका।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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