मप्र में 1,473 मतदाताओं को नहीं भाया कोई उम्मीदवार

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय तक विभिन्न संसदीय क्षेत्रों से पहुंची जानकारी ने नेताओं के प्रति जनता में बढ़ती नाराजगी का खुलासा किया है। ये मतदाता मतदान केन्द्रों तक पहुंचे, अंगुली में स्याही लगवाई और रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के बाद किसी को वोट नहीं दिया। ऐसे मतदाताओं के संदर्भ में जानकारी रखने की व्यवस्था है। जो मतदान केन्द्र पर पहुंचकर अंतिम समय में वोट नही डालते। इन मतदाताओं का मतदान केन्द्रों पर हिसाब रखा जाता है ताकि कोई मतदाता शिकायत दर्ज न करा सके। यह व्यवस्था लोक प्रतिनिधित्व कानून 1962 में की गई है और इसे 49-ओ नाम दिया गया है।

प्रदेश में द्वितीय चरण में 23 अप्रैल को हुए मतदान में 13 संसदीय क्षेत्रों में 198 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे और इनके भाग्य का फैसला एक करोड़ 71 लाख 78 हजार 538 मतदाताओं को करना था। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक 1473 मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को वोट न देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया। सबसे ज्यादा 712 मतदाता खजुराहो संसदीय क्षेत्र से रहे, जिन्होंने अपने इस अधिकार का इस्तेमाल किया। इसके अलावा सतना में 31, रीवा में 17, शहडोल में 14, बालाघाट में 20, छिन्दवाडा में 189, बैतूल में 41, भोपाल में 418, विदिषा में 15, सीधी में दो, जबलपुर में सात, मंडला में चार होषंगाबाद में सात मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को वोट के काबिल नहीं समझा। इसीलिए वे मतदान केन्द्र तक तो पहुंचे और तमाम औपचारिकताए पूरी करने के बावजूद मशीन का बटन नहीं दबाया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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