वामदल पहले कुछ सीटें जीतकर आएं फिर समर्थन लेने-देने की बात करें : सिंघवी
लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार को कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाताओं कहा कि अभी तक के रूझान से तो यही लग रहा है कि वामदल इस लोकसभा चुनाव में 30 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले वामदल अपनी सीटों की गिनती तो बढ़ाएं, उसके बाद समर्थन लेने और देने की बात करें।
सिंघवी ने कहा कि समर्थन लेने और देने का फैसला तो चुनाव के नतीजे आने के बाद किया जाएगा। हो सकता है कि हमें वामदलों के समर्थन की जरूरत ही न पड़े। हालांकि वामदल अगर कांग्रेस को समर्थन देना चाहेंगे तो हमें कोई परेशानी नहीं होगी।
ज्ञात हो कि शुक्रवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के महासचिव प्रकाश करात ने कहा था कि वाम दल कांग्रेस के नेतृत्व में बनने वाली किसी भी सरकार समर्थन नहीं करेंगे बल्कि वह गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई धर्मनिरपेक्ष सरकार का गठन करेंगे। अगर कांग्रेस उन्हें बाहर समर्थन देगी तो उन्हें समर्थन लेने में कोई परेशानी नहीं होगी।
कांग्रेस प्रवक्ता ने जोर देते हुए कहा कि चुनाव के बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार (संप्रग) के सभी घटकों को बहुमत मिलेगा और केंद्र में एक बार फिर संप्रग की सरकार बनेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि संप्रग के घटक दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद), लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) मतभेद भुलाकर धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने में मदद देंगे।
सिंघवी ने माना कि कांग्रेस के संप्रग के कुछ घटक दलों के साथ कुछ मतभेद जरूर हैं लेकिन मनभेद नहीं है।
संप्रग के घटक दलों की तरफ से कई प्रधानमंत्रियों के नाम सामने आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी-अपनी आकांक्षाएं होना स्वाभाविक है लेकिन ये आकांक्षाएं ठोस आंकड़ों पर आधारित होनी चाहिए।
राज्य की मायावती सरकार पर हमला बोलते हुए सिंघवी ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा दी गई धनराशि का सही इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) सहित केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं के हजारों करोड़ रुपये खर्च ही नहीं कर पाई है। इस सरकार का ध्यान सिर्फ स्मारक बनाने में ही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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