वैज्ञानिकों ने रक्त जांच के लिए विकसित किया ई-मॉसक्यूटो
अंगुलियों के पोर से रक्त निकालने और ग्लुकोज जांच के लिए पट्टियों और मीटरों के इस्तेमाल का आम तरीका पीड़ादायक, असुविधाजनक और ज्यादा समय लेने वाला हो सकता है।
अब युनिवर्सिटी ऑफ कैलगैरी में स्कलिक स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों ने ई-मॉसक्यूटोनामक एक उपकरण का पेटेंट कराया है। यह ताश के पत्ते के आकार का एक उपकरण है, जिसमें चार छोटी सूइयां लगी हुई होती हैं। ये सूइयां निर्धारित अंतराल पर रोगी को मच्छर की तरह काटती हैं।
ये सूइयां इलेक्ट्रॉनिक तरीके से नियंत्रित होती हैं और त्वचा में पर्याप्त गहराई तक चुभ कर एक कोशिका नली के जरिए रक्त को चूस लेती हैं। लेकिन ये सूइयां इतनी गहराई तक भी नहीं चुभती कि उससे शिराओं को किसी तरह का नुकसान पहुंचे। इस कारण रोगी को या तो मामूली पीड़ा का अनुभव होता है या बिल्कुल नहीं होता। इस ई-मॉसक्यूटो को शरीर में कहीं भी धारण किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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