पाकिस्तानी सेना घुसपैठ को बढ़ावा दे रही : भारतीय सेना
पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी)के निवासी साकिब मोइनुल्लाह (25 वर्ष) ने एक संवाददाता सम्मेलन में शनिवार को बताया कि उसने गुरेज सेक्टर में 120 अन्य लोगों के साथ नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार की। इनमें हिजबुल मुजाहिदीन के 31 गुरिल्ला थे, 40 सामाना ढोने वाले और अन्य बर्फ हटाने वाले और गाइड थे।
मोइनुल्लाह ने कहा कि लोगों ने उसे यह बताकर जिहाद में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया कि कश्मीर में दमन हो रहा है। मोइनुल्लाह ने कहा कि सीमा पार करने के बाद लगातार आतंकवादी अभियानों से वह परेशान हो गया और एक नागरिक को 1,000 रुपये देकर सूखे मेवे लाने को कहा, जिसके सहारे वह फिर सीमा पार करके पाकिस्तान जा सके।
उस नागरिक ने सेना को सूचना दी और मोइनुल्लाह गिरफ्तार कर लिया गया।
उसने बताया कि उसके संगठन का तालिबान से कोई संबंध नहीं है। प्रशिक्षण और घाटी में आने के दौरान उसका सामना कभी भी तालिबान से नहीं हुआ।
सेना की 15 वीं कोर के ब्रिगेडियर जनरल ब्रिगेडियर गुरमीत सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तानी सेना घाटी में घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि खुफिया रिपोर्टों, बातचीत के टेपों और अन्य साक्ष्यों से स्पष्ट है कि पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को घाटी में घुसपैठ करने में सहायता दे रही है।
उन्होंने कहा कि 120 लोगों के साथ जिन 31 आतंकवादियों ने घाटी में घुसपैठ की थी, उसमें 30 विभिन्न मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं जबकि मोइनुल्लाह को गिरफ्तार कर लिया गया। सामान ढोने वाले,बर्फ हटाने वाले और गाइड भी नियंत्रण रेखा के पार वापस लौटने को विवश हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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