गोवा में चुनाव के दौरान शराब की ब्रिकी पर रोक से नाराजगी
पणजी, 25 अप्रैल(आईएएनएस)। निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव के मद्देनजर घोषित शराब निषेध दिवसों के दौरान होने वाली शादियों में भी शराब परोसे जाने पर रोक के खिलाफ एक अधिकारवादी संगठन ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से शिकायत की है।
ऑल गोवा कैथोलिक माइनॉरिटी फोरम ने आयोग के इस फैसले को समाज विरोधी करार दिया है। संगठन ने इसे कैथोलिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के खिलाफ करार दिया है। ऐसी शादियों में शराब परोसे जाने की परंपरा पुरानी रही है। संगठन के संयोजक बर्नाबे सापेको ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "आयोग का यह फैसला हमारी परंपरा के साथ छेड़छाड़ है। आयोग को इसका कोई अधिकार नहीं है।"
गोवा की दो लोकसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को हुए मतदान से पहले आयोग द्वारा दो दिनों तक शराब की बिक्री पर लगी रोक के दौरान दर्जनों शादियों हुईं, पर आयोग के इस फैसले के कारण इनमें शराब नहीं परोसी जा सकी।
असागाओ में रिसॉर्ट चलाने वाले एडविन फोनसेका कहते हैं, "आयोग ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है।" राज्य के निर्वाचन अधिकारी अजीत श्रीवास्तव यह स्वीकार करते हैं कि दो शराब निषेध दिवसों के दौरान कई शादियां हुईं और इन पर इस फैसले का असर पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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