श्रीलंका में ही मौजूद है प्रभाकरन
किलिनोच्चि, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीलंकाई सेना का कहना है कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) प्रमख वेलुपिल्लै प्रभाकरन श्रीलंका के एक तटीय ठिकाने में मौजूद है और उसने अपने साथियों से कहा है कि वह लड़ाई जारी रखेगा।
सेना के कमांडर ब्रिगेडियर शेवेंद्र सिल्वा ने दो दिन पहले आत्मसमर्पण करने वाले लिट्टे के नेता दया मास्टर के बयान के हवाले से शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि लिट्टे के कई शीर्ष नेता भी प्रभाकरन के साथ मुल्लाइतिवू में मौजूद हैं। दया लिट्टे का पूर्व प्रवक्ता है।
सिल्वा के मुताबिक दया ने सैन्य अधिकारियों को बताया कि प्रभाकरन ने सभी तमिल विद्रोहियों से कह रखा है कि वह अंतिम क्षण तक उनके साथ रहेगा। लिट्टे की समुद्री इकाई का प्रमुख सूसाई, खुफिया इकाई का प्रमुख पोट्ट अम्मान और सैन्य रणनीतिकार भानू इस वक्त प्रभाकरन के साथ हैं।
दया ने बताया कि प्रभाकरन अंतिम क्षणों में भाग सकता है या भागने की कोशिश कर सकता है। इसके लिए वह समुद्री रास्ते की मदद ले सकता है। हालांकि ब्रिगेडियर सिल्वा ने कहा कि ऐसा होने की संभावना बहुत ही कम है।
श्रीलंकाई सेना के कमांडर ने कहा कि अब तक लिट्टे के कब्जे वाले इलाकों से लगभग 106,000 नागरिक बाहर निकाले जा चुके हैं। उनके अनुसार यह अभी नहीं पता है कि कितने नागरिक अभी भी तमिल विद्रोहियों के साथ फंसे हुए हैं।
उन्होंने कहा, "लिट्टे की ओर से गोलीबारी की जा रही है लेकिन हम इसका जवाब नहीं दे रहे हैं क्योंकि इससे नागरिकों के निशाना बनने का भय है। पिछले चार से पांच दिनों के भीतर तमिल विद्रोहियों की गोलीबारी में कम से कम 15 सैनिक मारे गए और लगभग 75 घायल हुए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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