वैकल्पिक लैंगिकता पर सभी राजनीतिक पार्टियों की सोच पुरातनपंथी : सईदा हमीद
हमीद राजधानी में वैकल्पिक लैंगिकता पर आयोजित एक सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं।
उन्होंने कहा, "जब हम 11वीं पंचवर्षीय योजना को आकार दे रहे थे तो हमने समलैंगिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सामाजिक न्याय व सशक्तिकरण मंत्रालय के तत्वावधान में दो अध्याय शामिल किए थे। लेकिन उसे अंतिम मसौदे में शामिल नहीं किया गया।"
हमीद ने आगे कहा, "स्कूली स्तर पर यौन शिक्षा बहुत जरूरी है। लेकिन सभी पार्टियों को मिलाकर गठित की गई लोकसभा की एक उपसमिति ने इसके खिलाफ फैसला दिया। दरअसल, जब वैकल्पिक लैंगिकता और यौन शिक्षा की बात आती है तो सभी पार्टियों की सोच पुरातनपंथी हो जाती है।"
हमसफर नामक गैरसरकारी संगठन के संस्थापक अशोक कवि ने कहा, "हमारे एक सर्वेक्षण के अनुसार लड़कों की लैंगिकता जैसे शब्द के साथ पहली मुठभेड़ आठ से 10 वर्ष की उम्र में होती है। इन सच्चाइयों को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में यौन शिक्षा अति आवश्यक है, क्योंकि इससे बच्चे उसके बारे में शिक्षित होंगे और यह सीखेंगे कि संभावित हानियों से कैसे बचा जा सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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