मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस नेताओं के तूफानी दौरे (लीड-1)
मध्य प्रदेश के 29 संसदीय क्षेत्रों में से 13 में 23 अप्रैल को मतदान हो चुका है। 30 अप्रैल को 16 संसदीय क्षेत्रों मुरैना, भिन्ड, ग्वालियर, गुना, सागर, टीकमगढ, दमोह, राजगढ, देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इन्दौर, खरगोन व खंडवा में मतदान होना है। जिन क्षेत्रों में मतदान होना है उनमें से अधिकांश भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्र है, इसलिए भाजपा यहां अपने इस प्रभाव को बरकरार रखना चाहती है वहीं कांग्रेस अपने जनाधार को बढ़ाने की कोशिश में है।
आने वाले पांच दिन सभी पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसी बात को ध्यान में रखकर सभी दल अपने वरिष्ठ नेताओं के सहारे मतदाताओं पर अपना प्रभाव जमाना चाहते हैं। आने वाले दिनों में सभी दलों के नेताओं के संभावित दौरों की आहट सुनाई देने लगी है।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह 25 अप्रैल को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के दौरे पर आ रहे हैं और वे यहां तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज 26 से 28 अप्रैल के बीच तीन दिनों में 12 संसदीय क्षेत्रों में जनसभाएं करेंगी। वेंकैया नायडू 28 अप्रैल को मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रहे है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस दौरान उन 16 संसदीय क्षेत्र रहेंगे जहां 30 अप्रैल को मतदान है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव प्रभात झा तो ग्वालियर चंबल अंचल में डेरा ही डाले हुए है।
उधर, दूसरी ओर कांग्रेस ने भी वरिष्ठ नेताओं के दौरे को अंतिम रूप दे दिया है। राहुल गांधी 26 अप्रैल को मध्य प्रदेश में पांच जनसभाओं को संबोधित करेंगे। उनकी सभाएं भिन्ड, बड़वानी, खंडवा, शाजापुर और नीमच में होंगी। इसके अलावा पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह 25 और 26 अप्रैल को प्रदेश के तूफानी दौरे पर रहेंगे। वे राजगढ़ के अलावा मंदसौर, झाबुआ, धार, उज्जैन व देवास में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इस तरह आने वाले दिनों में प्रदेश के 16 संसदीय क्षेत्रों में राजनीतिक घमासान मचा रहने वाला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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