मेनन और नारायणन कोलंबो में राजपक्षे से मिले, युद्धविराम पर कोई बातचीत नहीं (लीड-1)
तमिल नागरिकों की स्थिति को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्याप्त चिंता के बीच नारायणन और मेनन एक विशेष विमान से कोलंबो पहुंचे और राष्ट्रपति के सरकारी आवास टेंपल ट्रीज में लगभग 90 मिनट तक राजपक्षे के साथ चर्चा की।
नारायणन और मेनन ने मीडिया के साथ कोई बातचीत नहीं की, लेकिन राष्ट्रपति भवन के एक प्रवक्ता ने कहा कि बातचीत सकुशल संपन्न हो गई। प्रवक्ता द्वारा बातचीत का कोई विवरण नहीं दिया।
हालांकि एक सरकारी सूत्र ने बताया कि भारतीय अधिकारियों ने किसी युद्धविराम के मुद्दे पर बातचीत नहीं की। सूत्र ने कहा कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ लड़ाई के बीच अब कोई युद्धविराम नहीं घोषित किया जाएगा।
श्रीलंका में युद्ध क्षेत्र से तमिल नागरिकों के पलायन के बाद उत्पन्न गंभीर मानवीय संकट से चिंतित भारत ने अपने विशेष दूतों को श्रीलंका भेजा था।
श्रीलंका सरकार ने दावा किया है कि अब तक 106,000 तमिल नागरिक लिट्टे के नियंत्रण वाले इलाके से भाग कर सेना के नियंत्रण वाले इलाकों में शरण ले चुके हैं।
श्रीलंका में तमिल विद्रोही संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) और सेना के बीच जारी संघर्ष में फंसे तमिल नागरिकों को लेकर चिंतित विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा था, "हम श्रीलंका में हो रही मौतों से नाखुश हैं। निर्दोष नागरिकों की हत्या बंद होनी चाहिए साथ ही सभी तरह की सैन्य कार्रवाई बंद होनी चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications