चांद के राजनीतिक करियर पर ग्रहण लगा
पंचकुला(हरियाणा), 24 अप्रैल(आईएएनएस)। मुहब्बत की अटपटी कहानी के पात्र रहे हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन उर्फ चांद के लिए राजनीति की दुनिया अब इतनी बेगानी हो गई है कि वह चुनावी राजनीति से पूरी तरह कटे हुए हैं, वहीं किसी और को भी उनकी कोई परवाह नहीं रह गई है। इस चुनावी मौसम में खुद उनकी पार्टी कांग्रेस उन्हें याद कर किसी फजीहत झेलना नहीं चाहती। कुल मिलाकर उनके भटकाव की कहानी में किसी की दिलचस्पी नहीं रह गई है।
कभी राज्य की राजनीतिक के असरदार किरदार रहे चंद्रमोहन कहां किसी हालत में हैं, इसकी परवाह किसी को भी नहीं है। यूं तो अपने बेसब्र प्यार की खातिर कुर्सी की परवाह नहीं करने वाले चंद्रमोहन ने पंजाब पुलिस को एक फैक्स के जरिए यह खबर दी है कि वह अप्रैल में भारत पहुंचेंगे, लेकिन किसी को मालूम नहीं है कि वह लंदन से लौटेंगे या नहीं।
अनुराधा बाली उर्फ फिजा से प्यार का सार्वजनिक प्रदर्शन करने के बाद परिदृश्य से गायब हुए चांद के बारे में पूछे जाने पर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रेस सचिव सुरेंदर सिंह हुड्डा कहते हैं, "हम नहीं जानते कि चांद मोहम्मद कहां हैं और न ही हम उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर उन्होंने राजनीति से दूर रहने का फैसला किया है तो हम क्या कर सकते हैं?"
चंद्रमोहन अभी भी कालका से विधायक हैं। कांग्रेस नेताओं के रुख से पता चलता है कि इस चुनावी मौसम में पार्टी को उनकी सेवाओं की कोई जरूरत नहीं है। दरअसल, उनके कारण पार्टी की फजीहत ही हुई है। कालका अंबाला संसदीय क्षेत्र में पड़ता है, जहां से केंद्रीय मंत्री शैलजा चुनाव लड़ रही हैं। वहां चंद्रमोहन की अनुपस्थिति कांग्रेसियों को खल नहीं रही है।
उधर, फिजा को चांद की दगाबाजी अभी भी सता रही है। उसने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "मुझे धमकियां मिल रही है, लेकिन मैं इस दगाबाजी के खिलाफ जंग जारी रखूंगी। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
**


Click it and Unblock the Notifications