नेपाली बिचौलिए के धोखे का शिकार हुई भारतीय किशोरी
स्थानीय समाचार पत्र 'कांतिपुर' ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि जानुका बुधवार को यहां के त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बदहाल हालत में पाई गई थी। वह बेहोश थी और उसकी दिमागी हालत भी ठीक नहीं थी। उसे 'मैती नेपाल' नाम के गैरसरकारी संगठन द्वारा संचालित आश्रय स्थल में रखा गया है।
किशोरी से पूछताछ में संगठन को पता चला है कि बिचौलिए का काम करने वाली मनीषा दरनाल नाम की एक महिला ने दो साल पहले उसे लेबनान भेजने के नाम उसके साथा धोखा किया। जानुका ने मनीषा को आया की नौकरी के लिए 25,000 रुपये भी दिए थे।
किशोरी ने संगठन को बताया कि लेबनान में उसका मालिक उसके साथ बुरा व्यवहार करता था और कई बार उसे पीटता भी था। उसने बताया, "निरंतर सताए जाने के बाद मैंने वहां से लौटने का फैसला किया।"
पुलिस का कहना है कि जानुका के पास से 1,600 डॉलर भी मिले थे और उसे कुमार ओली नाम की एक नेपाली महिला के पासपोर्ट पर लेबनान भेजा गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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