ग्रामीण इलाकों की बदौलत दूरसंचार सेवाओं का विस्तार
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। एक ओर जहां विभिन्न कारोबारी क्षेत्र वैश्विक आर्थिक मंदी की मार झेल रहे हैं वहीं देश का दूरसंचार उद्योग ग्रामीण इलाकों में बढ़ते कारोबार की बदौलत लगातार अपने ग्राहकों की संख्या में इजाफा कर रहा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने देश में 1.58 करोड़ नए लोगों ने टेलीफोन कनेक्शन लिए। यह संख्या फिनलैंड, डेनमार्क और सिंगापुर जैसे कई देशों की कुल आबादी का लगभग तीन गुना है। इन उपभोक्ताओं में बड़ी संख्या ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की है।
देश के जीएसएम ऑपरेटरों की संस्था सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक टी.वी.रामचंद्रन ने आईएएनएस से कहा, "नए कनेक्शनों की संख्या इतनी अधिक इसलिए बढ़ रही है क्योंकि अब मोबाइल नेटवर्क ऐसी जगहों पर भी पहुंच रहा है जहां उसका पहले कोई आधार नहीं रहा हैे।"
सैमसंग मोबाइल की दूरसंचार शाखा के कंट्री हेड सुनील दत्त के मुताबिक इस वर्ष देश में मोबाइल हैंडसेट का कारोबार 10 से 15 फीसदी की दर से विकसित हो सकता है। इसमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की होगी जो पहली बार मोबाइल इस्तेमाल करने जा रहे हैं।
देश में इस समय कुल 42.97 करोड़ टेलीफोन उपभोक्ता हैं और चीन के बाद भारत दूसरा सबसे बड़ा टेलीफोन उपयोगकर्ता देश है। रामचंद्रन ने कहा इस गति से वर्ष 2012 तक देश में टेलीफोन उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 80 करोड़ तक हो जाएगी।
हालांकि कुछ विशेषज्ञों की राय है कि यह तेज विकास अस्थायी दौर है जो लंबे समय तक जारी नहीं रहेगा।
सलाहकार कंपनी केपीएमजी के संचार निदेशक जयदीप घोष ने आईएएनएस से कहा कि यह विकास दर ज्यादा से ज्यादा 8-10 तिमाहियों तक जारी रहेगी उसके बाद इसमें स्थिरता आ जाएगी।
उन्होंने कहा कि विकास दर भले ही बेहतर हो लेकिन ग्रामीण इलाकों में दूरसंचार सेवाओं का असर अभी भी उतना प्रभावी नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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