मतदान के बाद उम्मीदवारों के घरों में पसरा सन्नाटा

भोपाल, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। अब न तो वहां गाड़ियों की ज्यादा आवाजाही है, न ही कार्यकर्ताओं का हुजूम और न ही हाथ में माला लेकर आने वाले समर्थकों की मौजूदगी। यह नजारा है उन उम्मीदवारों के घरों का, जहां लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 23 अप्रैल को मतदान हो चुका है।

मध्य प्रदेश की 29 में से 13 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान संपन्न हो चुका है। इस चरण में खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिन्दवाडा, होशंगाबाद, विदिशा, भोपाल और बैतूल संसदीय क्षेत्रों में मतदान संपन्न हुआ। इन सभी क्षेत्रों में पिछले एक पखवाड़े में काफी चहल-पहल रही। उम्मीदवारों के घरों से लेकर पार्टी दफ्तार तक कार्यकर्ताओं की भीड़ से पटे रहते थे।

इस बार पिछले चुनावों जैसा शोर तो नहीं था मगर उम्मीदवारों और उनके कार्यकर्ताओं की सक्रियता कम नहीं थी। यही वजह थी कि हर वक्त झंडे लगी गाडियों का नजर आना और उम्मीवार को माला पहनाकर जिन्दाबाद के नारे सुनाई देना आम था। उम्मीदवारों ने जहां सुबह, दोपहर और शाम को देखे बिना मतदाताओं तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी, तो कार्यकर्ता भी अपने उम्मीदवार की जीत तय करने में पीछे नहीं रहे।

जिन 13 संसदीय क्षेत्रों में मतदान हो चुका है वहां के ज्यादातर उम्मीदवारों के साथ उनके कार्यकर्ता भी अब थकान मिटाने में लग गए हैं, क्योंकि मतगणना तो 16 मई को है। यही वजह है कि अधिकांश उम्मीदवारों के घरों और चुनाव प्रचार कार्यालयों में सन्नाटा पसरा पड़ा है। कहीं-कहीं इक्का दुक्का गाडियां और कुछ कार्यकर्ताओं की मौजूदगी इस सन्नाटे को तोड़ने की कोशिश जरूर करती है।

कांग्रेस की प्रदेश ईकाई के प्रवक्ता अरविंद मालवीय कहते हैं, "ऐसा होना स्वाभाविक सी बात है। कड़ी मेहनत के बाद उम्मीदवारों पर थकान हावी हो जाती है और उम्मीदवार आराम फरमाने लगते हैं। इसलिए उम्मीदवारों के घरों पर सन्नाटा पसर जाता है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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