मप्र में नेताओं की नजर
भोपाल 24 अप्रेल (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव का दूसरा चरण संपन्न हो जाने के बाद अब तमाम दलों तथा नेताओं की नजर अब मध्य प्रदेश की उन 16 सीटों पर आकर ठहर गई है जहां 30 अप्रैल को मतदान होना है। इन क्षेत्रों में अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेताओं के तूफानी दौरों की तैयारी है।
मध्य प्रदेश के 29 संसदीय क्षेत्रों में से 23 अप्रैल को 13 में मतदान हो चुका है। आगामी 30 अप्रैल को 16 संसदीय क्षेत्रों मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, टीकमगढ़, दमोह, राजगढ़, देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इन्दौर, खरगोन व खंडवा में मतदान होना है। इनमें से अधिकांश भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्र समझे जाते हैं, इसलिए भाजपा यहां अपना प्रभाव बरकरार रखना चाहती है तो कांग्रेस अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश में है।
अगले पांच दिन सभी पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर सभी दल अपने वरिष्ठ नेताओं के सहारे मतदाताओं पर प्रभाव जमाना चाहते हैं। आने वाले दिनों में सभी दलों के नेताओं के संभावित दौरों की आहट सुनाई देने लगी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह 25 अप्रैल को ग्वालियर चंबल क्षेत्र के दौरे पर आ रहे हैं और वे यहां तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की गतिविधियों का केंद्र भी वे 16 संसदीय क्षेत्र रहेंगे जहां-जहां 30 अप्रैल को मतदान है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव प्रभात झा तो ग्वालियर चंबल अंचल में डेरा ही डाले हुए हैं।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस द्वारा पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी की जनसभाएं अन्य क्षेत्रों में कराए जाने की तैयारियां चल रही हैं। इस तरह आने वाले दिनों में राज्य के 16 संसदीय क्षेत्रों में राजनीतिक घमासान मचा रहने वाला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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