दूसरा चरण : छिटपुट हिंसा व झड़पों के बीच 55 फीसदी मतदान (राउंडअप)
देश के अधिकांश क्षेत्रों में शुरुआत में मतदान की रफ्तार धीमी रही लेकिन दिन ढलने के साथ-साथ मतदान की गति तेज होती गई। विभिन्न राज्यों के निर्वाचन कार्यालयों से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक त्रिपुरा में 80 आंध्र प्रदेश 68, असम में 62, महाराष्ट्र में 56, कर्नाटक,उड़ीसा और गोवा में 55, झारखंड में 47 , जम्मू एवं कश्मीर में 46, मध्य प्रदेश में 45, तथा उत्तर प्रदेश व बिहार में 44 फीसदी मतदान हुआ।
मध्य प्रदेश के 13 संसदीय क्षेत्रों में मतदान शान्तिपूर्वक संपन्न हुआ। कुछ स्थानों पर आंशिक विवाद हुए और तीन स्थानों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद उन्हें बदला गया। यहां 47 फीसदी लोगों ने अपने मतधिकार का उपयोग किया। मतदान संपन्न होने के साथ ही 198 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद हो गया।
बिहार में हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच 13 लोकसभा सीटों के लिए मतदान संपन्न हुआ। यहां 44 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग कर राज्य के 189 उम्मीदवारों का भाग्य इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (इवीएम) में बंद कर दिया।
महाराष्ट्र की 25 संसदीय सीटों के लिए संपन्न हुए मतदान में लगभग 56 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
आंध्र प्रदेश में राज्य की 20 संसदीय और 150 विधानसभा सीटों के लिए संपन्न हुए मतदान में हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच 68 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
जम्मू एवं कश्मीर की उधमपुर संसदीय सीट पर सुरक्षा के भारी इंतजामों के बीच संपन्न हुए मतदान में 46 फीसदी लोगों ने मतदान किया।
उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 17 सीटों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए मतदान के दौरान कहीं-कहीं हुई हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुई। यहां लगभग 44 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
झारखंड, असम, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में छिटपुट हिंसा हुई। झारखंड में नक्सलियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक कैंप पर हमला किया, वहीं असम में अलगाववादियों के हमले में एक जवान शहीद हो गया।
मध्य प्रदेश में बीमारी के कारण चार मतदानकर्मियों की मौत हो गई। दो चुनाव कर्मियों की मौत भोपाल में बुधवार को हुई थी। शहडोल तथा होशंगाबाद में एक-एक कर्मचारी की मौत गुरुवार को हुई। राज्य में पड़ रही बेतहाशा गर्मी को इन मौतों का कारण बताया जा रहा है।
इस चरण में महाराष्ट्र की 25, आंध्र प्रदेश की 20, कर्नाटक व उत्तर प्रदेश की 17-17, बिहार और मध्य प्रदेश की 13-13, असम और उड़ीसा की 11-11, झारखंड की आठ, गोवा और त्रिपुरा की दो-दो और जम्मू एवं कश्मीर की एक संसदीय सीट पर मतदान हुआ।
प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी गुरशरण कौर ने गुवाहाटी में, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने बारामती में, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने हाजीपुर में और केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में अपने-अपने मताधिकार का उपयोग किया।
इस चरण में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्रियों में शरद पवार, रामविलास पासवान, कमलनाथ, रघुवंश प्रसाद सिंह, रघुनाथ झा, अखिलेश प्रसाद सिंह, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अध्यक्ष शिबू सोरेन जैसे दिग्गजों का राजनीतिक भविष्य इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में बंद हो गया।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिसपुर सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में पत्नी गुरशरण कौर के साथ मतदान किया। मतदान करने के बाद प्रधानमंत्री ने रोमांचित महसूस किया। उन्होंने कहा, "मैं सही मायने में घर में वोट डालकर काफी रोमांचित हूं। यह सभी भारतीयों का कर्तव्य है कि वे अपना वोट डालें।"
उन्होंने कहा, "मैं मतदान को लेकर तनाव में नहीं हूं। हमारा प्रदर्शन काफी अच्छा रहेगा। केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की ही सरकार बनेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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