सहयोगियों की हां-ना के बीच मनमोहन को संप्रग की सरकार बनने का भरोसा (राउंडअप)

गुरुवार को दूसरे चरण के मतदान में वोट डालने के लिए गुवाहाटी पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा, "असम में कांग्रेस की भारी जीत होगी और केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग की सरकार बनेगी।" उन्होंने कहा, "मैं मतदान को लेकर तनाव में नहीं हूं। हमारा प्रदर्शन काफी अच्छा रहेगा।" चुनाव के बाद वाम दलों के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। यद्यपि, दिल्ली में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कहा है कि उनकी पार्टी अब कांग्रेस का समर्थन नहीं करेगी।

उधर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र के बारामती में यह कह कर कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया कि चुनाव के बाद ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला होगा। यहां मतदान करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में पवार ने कहा, "16 मई को चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद ही संप्रग के प्रधानमंत्री पद का चयन सभी घटक दलों की आम सहमति से किया जाएगा।"

एक सवाल पवार ने कहा, "संप्रग के घटक दल भले ही अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हों लेकिन चुनाव बाद हम मिल बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे। हम संप्रग के बैनर तले काम करना चाहते हैं।"

इधर, चुनाव बाद की अनिश्चितता को भांपते हुए संप्रग के सहयोगी वाम दलों को रिझाने की कोशिश करने लगे हैं। संप्रग के प्रमुख घटक दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रमुख रामविलास पासवान ने गुरुवार को कहा कि नई सरकार के गठन में वे वाम दलों से समर्थन लेने के लिए तैयार हैं। राकांपा ने भी कहा कि वह वाम दलों को अछूत नहीं मानती।

लालू ने पटना में कहा, "सरकार के गठन के लिए सांप्रदायिक ताकतों को एकजुट होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि 545 सदस्यीय लोकसभा में यदि संप्रग बहुमत से दूर रहता है तो वाम दलों के लिए उसके दरवाजे खुले रहेंगे।

पासवान ने अपने चुनाव क्षेत्र हाजीपुर में कहा, "हम चाहते हैं कि वाम दल धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के साथ आएं।" बारामती में पवार ने कहा कि वह वाम दलों के साथ एक बार फिर काम करने के लिए तैयार हैं।

प्रधानमंत्री पद के सवाल पर पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी और राजद इस पक्ष में हैं कि यदि संप्रग की सरकार बनती है तो डा. मनमोहन सिंह ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के लिए हमारे जहन में सिर्फ मनमोहन सिंह का ही नाम है। दरअसल, राजद और लोजपा प्रधानमंत्री पद पर उन्हीं के नाम पर विचार कर रही हैं।"

संप्रग के घटक दलों के इन बयानों के बीच माकपा महासचिव करात ने जोर देते हुए कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस का समर्थन नहीं करेगी। उन्होंने समाचार चैनल टाइम्स नाऊ से कहा, "कांग्रेस के साथ मिलकर कोई सरकार संभव नहीं है। उन्हें यह समझना चाहिए।"

उधर, उड़ीसा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख नवीन पटनायक का कहना है कि अब उनकी पार्टी के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या कांग्रेस दोनों के साथ गठबंधन असंभव है।

उन्होंने कहा कि चुनाव बाद उनकी प्राथमिकता गैर भाजपा और गैर कांग्रेस सरकार के गठन पर होगी। यह पूछे जाने पर कि उड़ीसा में बहुमत न मिलने पर उनकी पार्टी भाजपा से दोबारा गठबंधन करेगी तो पटनायक ने कहा, "हमें पूरा यकीन है कि हम अकेले बहुमत हासिल कर लेंगे।" पटनायक ने कहा कि पिछले वर्ष कंधमाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद भाजपा के साथ चलना असंभव हो गया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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