श्रीलंका सेना का लिट्टे के खिलाफ अभियान जारी (लीड-1)
गुरुवार सुबह को पुथुमथालन इलाके से 2,000 नागरिकों के पलायन के बाद सोमवार से इस क्षेत्र से बाहर निकलने वाले नागरिकों की संख्या 102,790 तक पहुंच गई है।
सेना के अधिकारियों ने कहा कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के विद्रोहियों को आठ वर्ग किलोमीटर से भी कम इलाके में सीमित कर दिया गया है और नागरिक केवल समुद्र तटीय इलाके में फंसे हैं।
लिट्टे विद्रोही अभी भी प्रतिरोध कर रहे हैं और सेना को अपने कब्जे वाले अंतिम इलाके में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। समझा जाता है कि लिट्टे के नेता वहीं छिपे बैठे हैं।
सेना का मानना है कि लिट्टे प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन अभी भी इलाके में है जबकि ऐसी अटकलें थीं कि वह फरार होने में सफल हो गया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने न्यूयार्क में बुधवार देर रात एक अनौपचारिक बैठक करके तमिल नागरिकों की तकलीफों पर चिंता जताई।
एक गैर बाध्यकारी बयान में परिषद ने तमिल विद्रोहियों से समपर्ण करने और श्रीलंका सरकार से नागरिकों को संरक्षण देने तथा युद्ध से प्रभावित हुए नागरिकों तक अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को पहुंचने की अनुमति देने को कहा।
परिषद ने लिट्टे से नागरिकों का उपयोग ढाल के रूप में न करने और शांति वार्ता में शामिल होने का आग्रह किया।
उधर लड़ाई के कारण विद्रोहियों के इलाके में नागरिकों के खाद्यान्न ले जा रहा रेडक्रास के झंडे वाला एक जहाज तट तक नहीं पहुंच सका।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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