पितृत्व अवकाश पर वेतन कटौती के मामले में शिक्षक न्यायालय पहुंचा
दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। इसकी सुनवाई शुक्रवार को होगी।
पश्चिमी दिल्ली के रोहिणी स्थित एन.के. बगरोदिया पब्लिक स्कूल के शिक्षण चंद्रमोहन ने विद्यालय द्वारा उसका पितृत्व अवकाश का आवेदन ठुकराए जाने और वेतन में से कटौती किए जाने के मामले को चुनौती दी है।
चंद्रमोहन गत वर्ष के अंत में अपनी गर्भवती पत्नी की देखभाल के लिए छुट्टी पर थे लेकिन विद्यालय ने उनके वेतन में कटौती करते हुए कहा कि पितृत्व अवकाश का कोई प्रावधान नहीं है।
चंद्रमोहन ने अपनी याचिका में कहा है कि राजधानी का प्रत्येक निजी विद्यालय शिशु के जन्म के 60 दिन पहले या बाद में एक पखवाड़े का पितृत्व अवकाश देने के लिए बाध्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि 'दिल्ली एज्युकेशन एक्ट एंड रूल्स' के नियमों के मुताबिक हर ऐसे स्कूल में जिसे सरकारी सहायता प्राप्त नहीं होती कर्मचारियों को उसी तरह वेतन, भत्ते, छुट्टियां व अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए जैसी शासकीय विद्यालयों के कर्मचारियों को मिलती हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 1999 में अपने कर्मचारियों को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने की घोषणा की थी जिसके बाद दिल्ली की राज्य सरकार ने भी अपने कर्मचारियों व निजी विद्यालयों को ऐसी सुविधा देने की घोषणा की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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