40,000 तमिलों का कनाडा की संसद के बाहर प्रदर्शन
कनाडा की रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की संख्या जहां करीब 33,000 बताई है, वहीं तमिल नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन में 40,000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
टोरंटो, मोंट्रियल और अन्य शहरों से तमिल प्रदर्शनकारियों के बसों में सवार होकर यहां पहुंचने की वजह से सड़कों पर भारी जाम लगा रहा। प्रदर्शनकारियों ने श्रीलंका में तमिलों की मौतों पर शोक व्यक्त करने के लिए काले झंडे, प्रतीकात्मक क्रास और ताबूत उठा रखे थे।
दो हफ्तों से ज्यादा अर्से से यहां विरोध प्रकट कर रहे तमिलों का यह सबसे बड़ा प्रदर्शन था। लेकिन कोई भी सरकारी प्रतिनिधि उनसें मुलाकात के लिए नहीं आया।
एक तमिल नेता ने आईएएनएस को बताया, "हमने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे)के झंडे का इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि सरकार ने कहा था कि अगर प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित संगठन के झंडे उठाएंगे तो उसके प्रतिनिधि हमसे मुलाकात नहीं करेंगे। हमारे काले झंडे लेकर आने के बावजूद किसी भी मंत्री ने हमसे भेंट नहीं की।"
उन्होंने बताया, "वैसे विपक्ष के नेता माइकल इग्नातिएफ ने हमसे निजी तौर पर मुलाकात की और कहा कि तमिलों की आकांक्षाएं पूरी करने ेके राजनीतिक समाधान के बगैर श्रीलंका यह युद्ध नहीं जीत सकता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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