इस्लामाबाद से मात्र 100 किलोमीटर दूर रह गया तालिबान (राउंडअप)
तालिबान प्रवक्ता मुस्लिम खान ने एक टीवी न्यूज चैनल को को बताया, "हम जहां चाहे वहां जा सकते हैं। हमारे लिए कोई कानून नहीं है।"
एनडब्ल्यूएफपी की स्वात घाटी में अपनी स्थिति मजबूत कर लेने के बाद तालिबान ने बुनेर जिले की लगभग सभी तहसीलों पर कब्जा कर लिया है। बुनेर इस्लामाबाद से महज 100 किलोमीटर दूर है। 'डॉन' अखबार के मुताबिक इस खतरनाक घटनाक्रम से स्थानीय अधिकारी भौंचक हैं। अधिकारी पुलिस थानों या शिविरों में पनाह लिए हुए हैं। तालिबान इस प्रांत के मुख्यमंत्री हैदर खान होती के गृह जिले मरदान और स्वाबी जिले पर नजर लगाए हुए हैं।
तालिबान के बढ़ते प्रभाव पर पूछे गए सवाल के जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने बुधवार को कहा कि यदि स्वात घाटी में शांति बहाल नहीं हुई तो तालिबान के साथ किए गए विवादित शांति समझौते पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
गिलानी ने संवाददाताओं से यहां कहा, "संसद ने इस शांति समझौते को मंजूरी दी थी। राष्ट्रपति ने उसे अपनी सहमति दी। यह शांति बहाली के लिए है। यदि शांति की बहाली नहीं हो पाती है तो हम इस बारे में कुछ और सोच सकते हैं।"
लेकिन यहीं पर गिलानी ने उम्मीद जताई है कि स्वात घाटी में शांति बहाल होगी।
तालिबान से संबद्ध मौलाना सूफी मोहम्मद द्वारा न्यायपालिका पर की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर गिलानी ने उसे व्यक्तिगत बयान बताया।
समाचार एजेंसी एपीपी ने गिलानी के हवाले से कहा है, "सूफी मोहम्मद के विचार उनके अपने व्यक्तिगत हैं।"
दूसरी ओर बुनेर से मिली खबरों के मुताबिक आतंकवादियों ने पास के दो जिलों मरदान और स्वाबी की सीमाओं के नजदीक जांच चौकियां स्थापित कर ली हैं। उन्होंने गदेजी, सलारजई और ओशेरई जैसे रणनीतिक इलाकों में पहाड़ियों पर बंकर स्थापित कर लिए हैं। स्थानीय बाजारों, गांवों और शहरों में तालिबान की गश्त शुरू हो गई है।
अखबार के मुताबिक तालिबान ने स्थानीय गैर सरकारी संगठनों व सरकारी कार्यालयों के वाहन, कंप्यूटर, प्रिंटर, जेनरेटर आदि छीन लिए हैं। खबरों में कहा गया है कि इस इलाके के नेता, व्यापारी, गैर सरकारी संगठनों के सदस्य सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सविस।
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