प्रणब ने लालू के साथ तनाव के लिए अपनी 'अधकचरी हिंदी' को जिम्मेदार ठहराया
विदेश मंत्री मुखर्जी ने कहा कि सोमवार को बिहार के समस्तीपुर में वह यह कहना चाहते थे कि वर्ष 2004 के चुनाव में लालू की पार्टी और कांग्रेस के बीच एक चुनाव पूर्व समझौता था।
मुखर्जी ने यहां पत्रकारों से कहा, "वह चुनाव पूर्व के सहयोगी थे। इसलिए, स्वभाविक रूप से वह सरकार के हिस्सा थे। लेकिन इस बार कोई चुनाव पूर्व समझौता नहीं है और चुनाव बाद सरकार में भागीदार बनने के लिए उन्हें समर्थन देना पड़ेगा।"
उन्होंने कहा, "लेकिन मैंने ये सारी बातें अधकचरी हिंदी में कही और इसी कारण गलतफहमी पैदा हुई।"
लालू ने सोमवार को कहा था कि चुनाव बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) प्रधानमंत्री के उम्मीदवार का चयन करेगा। इसके जवाब में मुखर्जी ने कहा कि ऐसी स्थिति में संप्रग के नेतृत्व में बनने वाली सरकार में लालू को शामिल करने को लेकर सवाल पैदा हो गए हैं। उनके इस टिप्पणी के कारण दोनों के बीच 'विवाद' पैदा हो गया था।
मुखर्जी ने कहा कि लालू ने उन्हें सोमवार रात को फोन किया था। "तब मैंने उन्हें सब बताई। उन्होंने कहा कि आपको आगे से केवल अंग्रेजी में ही बोलना चाहिए।"
मुखर्जी ने लालू और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान की प्रशंसा करते हुए कहा, "दोनों सरकार के हिस्सा हैं। उनलोगों ने अपने-अपने मंत्रालय को जिस तरह से चलाया हम उसकी प्रशंसा करते हैं, विशेषकर रेल मंत्रालय चलाने के लिए लालू जी की।"
बिहार में लालू व पासवान मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं जबकि कांग्रेस की इनके साथ सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन सकी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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