सरकार ने कहा, विदेशी बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने के प्रयास जारी (लीड-1)
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रमण्यम ने विदेशी बैंकों से काले धन की वापसी के संबंध में दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन की एक पीठ के समक्ष यह बात कही। याचिका में सरकार पर काले धन को वापस लाने के लिए गंभीर प्रयास नहीं करने का अरोप है।
सुब्रमण्यम ने सरकार की ओर से इस संबंध में किए गए प्रयासों से संबंधित एक शपथपत्र 48 घंटों के भीतर देने का प्रस्ताव भी रखा, जिसमें हाल के दिनों काले धन को हासिल करने के लिए उठाए कदमों की विस्तृत जानकारी होगी।
सुब्रमण्यम ने कहा कि सरकार ने विदेशी बैंकों में भारतीयों द्वारा रखे गए संभावित धन की वापसी के लिए जर्मनी की सरकार को पत्र लिखा था। इस बारे में फरवरी 2008 में दिल्ली से प्रकाशित होने वाले एक अखबार ने रिपोर्ट प्रकाशित की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि जर्मन के लिसटेन्सटेन के एलजीपी बैंक के एक पूर्व कर्मी ने 1400 लोगों के बारे दुनिया के कर विभाग को आंकड़ा बेचा था।
उन्होंने कहा कि अखबार ने यह रिपोर्ट 27 फरवरी 2008 को प्रकाशित की थी और सरकार ने जर्मन सरकार को 28 फरवरी को पत्र लिखा था।
उन्होंने कहा कि सरकार को जर्मन सरकार से इस बारे में प्रतिक्रिया भी मिली थी जिस बारे में खुली अदालत में चर्चा नहीं की जा सकती।
अदालत सुब्रमण्यम के शपथपत्र दाखिल करने के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए चार मई की तिथि तय की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications