जेल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया : वरुण (लीड-1)
पीलीभीत से नामांकन दाखिल करने के बाद यहां आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए वरुण ने कहा कि 20 दिन के जेल प्रवास दौरान उन्हें टीबी के मरीजों के साथ रखा गया। कई बार मांगने के बावजूद भी उन्हें चटाई नहीं दी गई लेकिन इस दौरान अन्य कैदियों का उन्हें बहुत सहयोग मिला।
वरुण ने आरोप लगाया कि जेल प्रवास के दौरान पुलिस ने उन्हें मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया। इस मौके पर वरुण ने पीलीभीत की जनता से कहा, "मैं आप लोगों और आपके बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जेल गया। मेरे पिता की तरह मेरी बात भी पत्थर की लकीर है। मैं राष्ट्रभक्तों, गरीबों और किसानों के सम्मान के लिए लड़ता रहूंगा, चाहे इसके लिए मुझे फिर से जेल ही क्यों न जाना पड़े।"
इस दौरान मौके पर मौजूद वरुण की मां मेनका गांधी ने कहा, " लोग यह न सोंचे कि मैं उन्हें छोड़कर जा रही हूं। मैं आपकी पड़ोसन बनकर अपना बेटा आपके हवाले करके जा रही हूं। मैं दावा करती हूं वरुण पीलीभीत और यहां के लोगों के लिए बहुत काम करेगा।"
मेनका ने कहा कि दुनियाभर के करोड़ों लोगों ने इंटरनेट पर वरुण की वेबसाइट पर जाकर उनके बारे में जानना चाहा। वरुण ने पीलीभीत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा, "मुझे पूरा भरोसा कि आप लोग वरुण को बहुत प्यार देंगे।"
इससे पहले बरेली संसदीय सीट से भाजपा उम्मीदवार संतोष कुमार गंगवार के समर्थन में नवाबगंज में एक जनसभा को संबोधत करते हुए वरुण ने कहा, "मैं चुप नहीं बैठूंगा। जुल्म के खिलाफ आवाज उठाता रहूंगा। मैं चट्टान की तरह आपके साथ हूं और हमेशा आपकी लड़ाई लड़ता रहूंगा।"
जेल से निकलने के बाद वरुण की यह पहली चुनावी जनसभा थी। उनकी इस जनसभा में भाजपा व विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओंके साथ ही भारी जनसमूह उमड़ा था।
वरुण ने कहा, "जेल में मेरे साथ जो भी ज्यादती हुई उसका मुझ्झे कोई दुख नहीं है लेकिन अपनी मां की आंखों मे आंसू देखकर मुझ्झे दुख पहुंचा। वह चुपचाप रोती रहती थीं। मेरी मां के आंसुओं का जवाब अब जनता देगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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