श्रीलंका मामले में मूकदर्शक बनी रही संप्रग सरकार : आडवाणी
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि श्रीलंका में सरकार और लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम (लिट्टे) के बीच जारी मौजूदा संघर्ष में मारे जा रहे व पलायन कर रहे नागरिकों को बचाने के लिए वहां की सरकार पर दबाव बनाने में संप्रग सरकार पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने कहा, "संप्रग सरकार की विदेश नीति की असफलता का एक और नमूना श्रीलंका मामले में देखने को मिला है। वहां सैकड़ों लोग मारे जा रहे हैं और हजारों की संख्या में युद्ध क्षेत्र से पलायन कर रहे हैं। बहुत दुखद है कि संप्रग सरकार श्रीलंका की सरकार पर दबाव बनाकर वहां जारी मानवीय त्रासदी को रोकने में विफल रही है।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व और संप्रग सरकार ने इस मामले में देश की भूमिका महज एक मूकदर्शक की बना दी है। यहां तक कि सरकार के सहयोगी लिट्टे के बारे में आए दिन आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं।
आडवाणी ने कहा कि ऐसा लगता है मानो संप्रग सरकार लिट्टे और श्रीलंकाई तमिल नागरिकों में कोई फर्क नहीं कर पा रही है। उन्होंने मांग की कि श्रीलंका में जल्द से जल्द युद्धविराम लागू हो तथा वहां की समस्या का शांतिपूर्ण तरीके से हल हो, इसके लिए केंद्र सरकार पहल करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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