श्रीलंका में लिट्टे के 2 प्रमुख नेताओं ने किया समर्पण (लीड-1)
कोलंबो, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीलंका के एक सैनिक प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के दो नेताओं ने समर्पण कर दिया जबकि विद्रोहियों के कब्जे वाले 'नो फायर जोन' से पलायन करने वाले नागरिकों की संख्या बढ़कर 95,000 हो गई है।
इन दोनों की पहचान लिट्टे के मीडिया संयोजक वेलायुथम दयानिधि उर्फ दया मास्टर और जार्ज के रूप में की गई है। जार्ज लिट्टे की राजनीतिक शाखा के पूर्व प्रमुख एस.तमिलसेल्वन का अंग्रेजी अनुवादक था। नवंबर 2007 में सेना के हमले में तमिलसेल्वन की मौत हो गई थी।
वर्ष 2002 से 2006 के बीच कई देशों की राजधानियों में हुई छह दौर की शांति वार्ता में जार्ज तमिलसेल्वन के साथ था। सूत्रों के अनुसार जार्ज तमिल, सिंहली और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में प्रवीण है।
एक पूर्व अंग्रेजी भाषा का अध्यापक दया मास्टर वर्ष 2002 में नार्वे की मध्यस्थता में हुई शांति वार्ता के बाद से स्थानीय और विदेशी मीडिया में लिट्टे की राजनीतिक शाखा के नेताओं के साक्षात्कार आयोजित कराने और समन्वय स्थापित करने का कार्य करता था।
इससे पूर्व की यूनाइटेड नेशनल पार्टी की सरकार के दौरान दया मास्टर को कोलंबो ले जाकर आपोलो अस्पताल में उसके दिल की बीमारी का इलाज भी करवाया गया था।
सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदय नानायक्कारा ने आईएएनएस को बताया कि दोनों ने मुल्लइतिवु जिले के पुथुमथालन में समर्पण किया, जहां सेना ने लिट्टे के अंतिम गढ़ पर धावा बोला है।
उन्होंने बताया कि सोमवार से करीब 95,000 लोग लिट्टे के कब्जे वाले इलाके से भागकर सरकारी कब्जे वाले क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। तमिल चीतों को अब 14 वर्ग किलोमीटर के तटीय इलाके में घेर लिया गया है।
इस वर्ष के आरंभ से आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की संख्या 165,000 से ऊपर पहुंच गई। ब्रिगेडियर उदय ने कहा कि इनमें से तीन हजार लोगों ने स्वंय कबूल किया है कि वे लिट्टे के सदस्य के रूप में काम कर चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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