श्रीलंकाई राष्ट्रपति के विशेष दूत जल्दी ही भारत आएंगे
नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीलंका में तमिल नागरिकों की स्थिति के भारत में चुनावी मुद्दा बनने और तमिलनाडु तट पर शरणार्थियों से भरी नावों के पहुंचने का सिलसिला आरंभ होने के बाद कोलंबो की योजना राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के भाई बासिल को विशेष दूत के रूप में भारत भेजने की है।
भारत में श्रीलंका के राजदूत सी.आर.जयसिंघे ने आईएएनएस से कहा कि बासिल राजपक्षे के भारत आने की योजना है लेकिन उसकी कोई तिथि तय नहीं है। राष्ट्रपति के सलाहकार और संसद सदस्य बासिल राजपक्षे पिछले वर्ष अक्टूबर में भारत आए थे।
प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान उनके विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के.नारायणन और विदेश सचिव शिवशंकर मेनन से मुलाकात करने की संभावना है।
श्रीलंकाई राजदूत ने 24 घंटे की चेतावनी के बाद लिट्टे पर अंतिम हमले का बचाव करते हुए कहा कि यह अभियान मानवीय आधार पर शुरू किया गया है। लिट्टे के कब्जे वाले इलाके से नागरिकों को बाहर निकालने के लिए यह कार्रवाई अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि यह एक संप्रभु राष्ट्र द्वारा दूसरे राष्ट्र पर की गई कार्रवाई नहीं है और सभी नागरिक समान सुरक्षा के हकदार हैं।
राजदूत ने कहा कि श्रीलंका के नागरिकों को जबरन रोककर रखा गया है और उनको सुरक्षित वापस लाने हेतु हर हस्तक्षेप करने का राज्य को अधिकार है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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