भारतीय मूल के सांसद के खिलाफ राजद्रोह के मामले में फैसला सुरक्षित
समाचार पत्र 'स्टार ऑनलाइन' ने बुधवार को कहा कि उच्च न्यायालय ने करपाल सिंह के खिलाफ लगे राजद्रोह के आरोपों के संबंध में बाद में फैसला देने को कहा है।
पीरक राज्य की सरकार दलबदल से गिर गई थी और सुल्तान ने दूसरी सरकार को शपथ दिला दी थी। करपाल सिंह ने इस फैसले असंतुष्ट होकर पीरक के सुल्तान के निर्णय के खिलाफ टिप्पणी की थी।
दोषी पाए जाने पर करपाल को करीब 1500 डॉलर के जुर्माने और तीन साल कैद की सजा हो सकती है। उन पर 17 मर्च को पहले सत्र न्यायालय में मुकदमा चला था लेकिन बाद में उसे उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया।
करपाल सिंह (69 वर्ष) विपक्षी गठबंधन पकतन राक्यात की सहयोगी डेमोक्रेटिक एक्शन पार्टी के प्रमुख हैं।
मलेशिया की बार काउंसिल ने करपाल सिंह के खिलाफ राजद्रोह कानून 1948 के तहत मुकदमा चलाने की आलोचना की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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