नेताओं ने किया अब मतदाताओं के घरों का रुख
प्रदेश के 29 में से 13 संसदीय क्षेत्रों में 23 अप्रैल को मतदान होना है। पिछले एक पखवाड़े में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के नेताओं ने रोड शो, नुक्कड़ सभाएं और जनसभाएं करके मतदाताओं का दिल जीतने की हर संभव कोशिशें की।
आगामी 23 अप्रैल को खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिन्दवाडा, होशंगाबाद, विदिशा, भोपाल और बैतूल में होने वाले मतदान के लिए मंगलवार की शाम चुनाव प्रचार थम चुका है।
इन क्षेत्रों में उम्मीदवारों को मतदाता तक अपनी बात पहुंचाने का एक मात्र रास्ता घरों में दस्तक देना ही रह गया है। इसीलिए उम्मीदवारों की अपील के साथ-साथ बीते पांच साल में केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यो का ब्योरा मतदाताओं को दिया जा रहा है।
कांग्रेस की ओर से केन्द्र सरकार द्वारा पांच साल में जनहित में चलाई गई योजनाएं बताई जा रही है। प्रदेश की सरकार ने इन योजनाओं में कितनी गड़बड़ी की है, उसका ब्यौरा भी मतदाताओं को देकर कांग्रेस के पक्ष में वोट की अपील की जा रही है।
दूसरी ओर भाजपा केन्द्र पर राज्य के साथ भेदभाव बरतने का आरोप लगा रही है। प्रदेश में गहराए बिजली संकट के लिए केन्द्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। स्थानीय सड़क, बिजली और पानी जैसी समस्याओं के लिए दोनों दल एक दूसरे को दोषी बता रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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