एक माह में निपटे कसाब मामलाः ठाकरे

पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में लिखे संपादकीय में ठाकरे ने तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि करदाताओं के धन का मोटा हिस्सा 'कसाब साहेब' की सुरक्षा पर खर्च किया जा रहा है। ठाकरे ने अपने संपादकीय में लिखा है, "इतनी सुरक्षा तो देश के प्रधानमंत्री तक को नहीं उपलब्ध कराई गई है।
यह सब सिर्फ इसलिए क्योंकि हम दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि हमारे देश का लोकतंत्र इतना सशक्त है कि हम उन लोगों को भी बचाव का मौका देते हैं जो हम पर हमला करते हैं और हमारे मुल्क को तबाह करते हैं।"
कसाब की हर जरूरत का ध्यान रख रही सरकार
ठाकरे ने आरोप लगाया कि भारत सरकार कसाब की सभी जरूरतों का ध्यान रख रही है। उन्होंने लिखा है कि कसाब जींस और टी-शर्ट तथा परफ्यूम लगाकर अदालत में पेश हो रहा है। हो सकता है कि वह पाकिस्तान की जगह भारतीय जेल में रहना ज्यादा पसंद करने लगे।
सरकार द्वारा एस.जी. अब्बास को बचाव पक्ष का वकील नियुक्त किए जाने पर 'कसाब साहेब' को याद आया है कि उनकी उम्र 18 साल से कम है और उनका लक्ष्य जम्मू-कश्मीर पर कब्जा था।
ठाकरे के मुताबिक ऐसा होने पर मुकदमा पहले निचली अदालत में और फिर उच्च न्यायालय तथा फिर राष्ट्रपति की माफी के लिए भेजा जाएगा, जैसे अफजल गुरु के मामले में हो रहा है।
ठाकरे ने मुकदमे की सुनवाई 15 दिन से एक महीने के भीतर निपटाने को कहा। उन्होंने लिखा है कि कसाब को सजा सुनाई जानी चाहिए और उसे अपील का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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