अहमदीनेजाद के भाषण पर हंगामा

जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र के नस्लभेद सम्मेलन में इसराइल को नस्लभेदी बतानेवाले ईरानी राष्ट्रपति अहमदीनेजाद के भाषण से ख़ासा हंगामा खड़ा हो गया. ईरानी राष्ट्रपति अहमदीनेजाद के भाषण के दौरान कई प्रतिनिधि विरोध जताते हुए सभागृह से बाहर चले गए.
पहले से ही विवादित इस सम्मेलन में भाषण देने आने के कुछ ही क्षणों बाद ईरानी राष्ट्रपति ने इसराइल के विरूद्ध बोलना शुरू कर दिया.
उन्होंने इसराइल पर आरोप लगाया कि इसराइलियों ने यहूदियों के नरसंहार के नाम पर एक देश पर क़ब्ज़ा कर लिया है और एक नस्लभेदी देश का निर्माण किया है.
ईरानी राष्ट्रपति की इन टिप्पणियों पर उनके भाषण के बीच ही विरोध होने लगा और कुछ लोगों ने उन्हें "नस्लभेदी" कहकर नारे लगाने शुरू कर दिए जिन्हें बाहर कर दिया गया. दूसरी तरफ़ कई प्रतिनिधियों ने ईरानी राष्ट्रपति की सराहना में तालियाँ भी बजाईं.
विवाद और बहिष्कार
जेनेवा सम्मेलन को लेकर विवाद उसके शुरू होने से पहले ही खड़ा हो गया था जब इस सम्मेलन को यहूदी विरोधी और पश्चिम विरोधी बताकर अमरीका, इसराइल, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी ने सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया.
फ़्रांस और ब्रिटेन इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सम्मेलन का बहिष्कार किए जाने पर निराशा प्रकट की है. कैथोलिक ईसाई धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट ने सम्मेलन को अपना समर्थन दिया है.
मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि जो देश इसका बहिष्कार कर रहे हैं वो नस्लभेद से पीडित लोगों से मुंह फेर रहे हैं.
पाँच दिवसीय जेनेवा सम्मेलन आठ साल पहले दक्षिण अफ्रीका में हुए संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन के बाद से नस्लभेद की समाप्ति की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित किया जा रहा है.


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