स्वात में शरिया कानून का भविष्य वहां की शांति पर निर्भर करेगा : गिलानी (लीड-1)
गिलानी ने जीयो टीवी के 'कैपिटल टाक' कार्यक्रम में एक बातचीत के दौरान कहा, "यदि अशांत उत्तर पश्चिम क्षेत्र में शांति बहाल होती है, तो हम भी उस क्षेत्र में शरिया कानून की हिफाजत करेंगे।"
गिलानी के अनुसार पाकिस्तानी नेतृत्व शांति के मामले में घरेलू रणनीति के तहत काम कर रहा है। संसद ने उस रणनीति को अपनी मंजूरी दी है।
गिलानी ने कहा कि स्वात घाटी और मलकंद डिवीजन के बाकी हिस्से में शांति बहाली का उन्हें भरोसा है। उन्होंने कहा, "वर्तमान परिस्थिति में वहां इसके अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।"
गिलानी ने मौलाना सूफी मोहम्मद के बयान को उनका निजी बयान बताया है। सूफी मोहम्मद ने अपने बयान में कहा था कि शरिया कानून के तहत गठित किए गए काजी अदालतों के फैसलों के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई केवल विशेष इस्लामी अपीलेट अदालतों में ही की जा सकेगी।
गिलानी ने कहा, "कई ऐसे लोग हैं, जो लोकतंत्र में भरोसा नहीं करते। लेकिन हम जन 0भावना में विश्वास करते हैं और जन समर्थन हमारे साथ है।"
गिलानी का बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन में शामिल एक पार्टी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) ने धमकी दी है कि यदि सूफी के बयान के खिलाफ कुछ नहीं किया गया तो वह खुद उसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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