मध्य प्रदेश में थम गया चुनाव प्रचार
प्रदेश के 13 संसदीय क्षेत्रों खजुराहो, सीधी, सतना, रीवा, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिन्दवाडा, होशंगाबाद, विदिशा, भोपाल और बैतूल में 23 अप्रैल को मतदान होना है। इन क्षेत्रों में मतदान की तैयारियां पूरी हो चुकी है। तमाम राजनैतिक दलों ने अपनी ताकत झोंकने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार सभी 13 क्षेत्रों में मैदान में हैं वहीं कांग्रेस के 12 तथा समाजवादी पार्टी (सपा) के 11 क्षेत्रों में उम्मीदवार हैं। इन सभी दलों ने मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
भाजपा की ओर से जहां प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू, राष्ट्रीय सचिव प्रभात झा, प्रदेश प्रभारी सुषमा स्वराज तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में अनेक जनसभाएं की, वहीं कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी ने जनता को अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। बसपा और सपा की ओर से भी मतदाताओं को रिझाने की हर संभव कोशिशें की गई।
इन 13 संसदीय क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी दलों ने जनसभाएं कर आम मतदाता तक अपनी बात पहुंचाने की हर संभव कोशिश की। शाम पांच बजते ही चुनाव प्रचार का शोर थम गया और सभी दलों के उम्मीदवारों ने जनसंपर्क की तैयारियां शुरू कर दी।
जिन 13 संसदीय क्षेत्रों में मतदान होना है उनमें छिन्दवाड़ा से कांग्रेस के कमलनाथ, विदिशा से भाजपा की सुषमा स्वराज, मंडला से भाजपा के फग्गन सिंह कुलस्ते, भोपाल से भाजपा के कैलाश जोशी और सीधी से निर्दलीय प्रत्याशी व केन्द्रीय मंत्री अर्जुन सिंह की बेटी वीणा सिंह की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है।
निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक मतदान की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए 50 प्रमुख पर्यवेक्षकों के साथ 5888 सहायक पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए है। इन 13 क्षेत्रों में 198 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। सबसे ज्यादा 28 उम्मीदवार छिन्दवाड़ा तथा सबसे कम आठ विदिशा से चुनाव लड़ रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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