सूफी मुहम्मद के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय जाने की एमक्यूएम की धमकी

इस्लामाबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) ने धमकी दी है कि न्यायपालिका और शरिया कानून के संदर्भ में तालिबान से संबंधित मौलाना सूफी मुहम्मद के बयान के खिलाफ यदि कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह खुद उसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में जाएगा।

बंदरगाह और जहाजरानी मंत्री बाबर गौरी के हवाले से समाचार पत्र 'द न्यूज' ने मंगलवार को कहा कि मौलाना सूफी मुहम्मद के बयान पर एमक्यूएम को गंभीर आपत्ति है।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय को स्वीकार नहीं करना अदालत की अवमानना के समान है।

उल्लेखनीय है कि रविवार को स्वात में एक रैली सूफी मुहम्मद ने पाकिस्तान की मौजूदा न्याय व्यवस्था को गैर इस्लामी करार देते हुए पूरे देश में शरिया कानून लागू करने की मांग की।

मौलाना ने न्यायाधीशों, वकीलों और लोकतंत्र समर्थक मौलानाओं को विद्रोही करार दिया।

स्वात घाटी और उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत के मलकंद डिविजन के छह जिलों में शरिया कानून लागू करने के लिए सोमवार को सीनेट में निजाम-ए-अदल रेग्युलेशन पेश किए जाने पर गौरी ने यह मामला उठाया।

सरकार के इस कदम से संसद के ऊपरी सदन में काफी हंगामा हुआ और एमक्यूएम ने इसमें विपक्ष का साथ दिया।

संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में 13 अप्रैल को बहस के लिए रखे गए इस रेग्युलेशन का भी एमक्यूएम ने विरोध किया था। पार्टी के बहिर्गमन के बाद रेग्युलेशन बहुमत से पारित हो गया।

गौरी ने कहा कि एमक्यूएम का विरोध जारी रहेगा। उनका मानना है कि सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी को सूफी मुहम्मद के इस बयान पर ध्यान देना चाहिए कि पाकिस्तान में अब तक कोई मुसलमान नहीं था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+