वर्ष 2020 तक 225 अरब डॉलर हो जाएगा सेवा क्षेत्र का राजस्व
सूचना प्रौद्योगिकी जगत की संस्था नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसिज कंपनीज (नास्कॉम) और वैश्विक सलाहकार कंपनी मैकिंसी द्वारा किए गए एक अध्ययन के मुताबिक इस राशि में से 175 अरब डॉलर निर्यात से और शेष राशि घरेलू स्रोतों से अर्जित की जाएगी।
अध्ययन में यह भी कहा गया कि यदि भारत और उसका प्रौद्योगिकी उद्योग कारोबारी वातावरण को बदले और प्रतिभाओं का विकास करे तो 2020 तक उसका राजस्व बढ़कर 375 अरब डॉलर तक भी पहुंच सकता है।
मेकिंस्की के एक साझीदार नौशीर काका ने कहा कि इस लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, "आने वाले समय में इस उद्योग का भविष्य सुरक्षित है। "
यद्यपि रिपोर्ट में आने वाले समय में कुछ संभावित खतरों का भी जिक्र किया गया है।
* सेवा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 51 फीसदी से घटकर 40 फीसदी हो सकती है।
* उद्योग जगत के कर्मचारियों में 35 लाख तक की कमी आ सकती है।
* मौजूदा आकार के पांच गुना तक बढ़ने वाले उद्योग के लिए आधारभूत सुविधाएं ठीक नहीं।
* नीतियां भी उद्योग की विकास क्षमता के अनुकूल नहीं ।
* कम से कम 25 से 30 देशों से प्रतिस्पर्धात्मक चुनौती मिलने की संभावना।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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