बीडीआर कर्मियों को मिली फिर से वर्दी पहनने की इजाजत
67,000 कर्मियों वाले बीडीआर के पिलखाना स्थित मुख्यालय में 25-26 फरवरी के विद्रोह के बाद वर्दी पहनने पर रोक लगा दी गई थी, क्योंकि सरकार बगावत में शामिल लोगों की पहचान में जुटी थी।
समाचार पत्र न्यू एज ने बीडीआर के प्रवक्ता के हवाले से खबर दी है कि बल के महानिदेशक मेजर जनरल मैनुल इस्लाम के निर्देश के बाद कर्मियों ने वर्दी में काम करना शुरू कर दिया है।
विद्रोह की उच्च स्तरीय जांच जारी है और बागियों के खिलाफ एक विशेष अदालत में सुनवाई चल रही है। इस सिलसिले में 1100 बागियों को गिरफ्तार किया गया है।
विद्रोह के तत्काल बाद बीडीआर के सैकड़ों कर्मी मुख्यालय छोड़कर भाग गए थे और वर्दियों छोड़कर आयुध डिपो से हथियार ले गए थे। अब उन हथियारों की बरामदगी की जा रही है। सरकार इस बल को भंग करने का मन बना चुकी है।
इस बल का नए सिरे से गठन होगा और नई वर्दी, नए लोगो जारी होंगे और कड़े नियम लागू किए जाएंगे।
विद्रोह में बीडीआर के तत्कालीन महानिदेशक मेजर जनरल शकील अहमद समेत 80 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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