ओबामा ने दिए लैटिन अमेरिका से नए रिश्तों की शुरूआत के संकेत
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार उन्होंने अमेरिका के साथ इन देशों के अविश्वास और टकराव वाले पारंपरिक रिश्ते में व्यापक सुधार का संकेत दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि लैटिन अमेरिका में अमेरिकी हस्तक्षेप का इतिहास पुराना रहा है और यह अमेरिका के प्रति अविश्वास की वजह है।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कूटनीतिक लहजे में कहा, "इस गोलाद्र्घ के दूसरे नेता यह जरूर महसूस करेंगे कि हम कम से कम उन नीतियों पर तो अमल नहीं करेंगे जो मेरे जन्म से पहले तैयार की गई थीं।" उनके इस बयान का आशय यह था कि वे पुरानी नीतियों को पलटना चाहते हैं।
इस क्षेत्र के नेताओं के साथ अपनी पहली महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान उन्हें साफ संकेत दिया कि उनकी सरकार क्षेत्र के देशों, खासकर क्यूबा, के साथ संबंध सुधारना चाहती है। पोर्ट ऑफ स्पेन में क्षेत्रीय नेताओं के साथ ओबामा की बातचीत को कूटनीति हलके में खास महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने 'रिश्तों का नया युग' शुरू करने का संकेत दिया।
अमेरिका के घोर विरोधी वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज भी ओबामा के इस भाषण से उत्साहित हैं, और उन्होंने इस मुलाकात को अच्छी शुरुआत की संज्ञा दी है। क्यूबा ने भी इस पहल का स्वागत किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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