चावला और कुरैशी के रहते निष्पक्ष चुनाव असंभव : मायावती
लखनऊ में मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में मायावती ने कहा कि चुनाव आयोग के वर्तमान पदाधिकारी कांग्रेस की मंडली के हैं। चावला के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कांग्रेस से बहुत नजदीकी संबंध हैं। केंद्र की सत्ता के एक प्रसिद्ध नेता के वह बेहद करीब हैं। मौजूदा चुनाव में वह कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं और कांग्रेस को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
कुरैशी को निशाने पर लेते हुए मायावती ने कहा कि वह उत्तरप्रदेश के हैं और यहां पर उनकी काफी रिश्तेदारियां हैं। देश के दूसरे हिस्सों की बजाए कुरैशी की उत्तर प्रदेश में कुछ ज्यादा ज्यादा ही दिलचस्पी है।
उन्होंने कुरैशी पर आरोप लगाया कि उनके समाजवादी पार्टी (सपा) से करीबी रिश्ते हैं। साथ ही कांग्रेस के कुछ नेताओं से भी उनकी बड़ी गहरी दोस्ती है। मायावती ने जोर देकर कहा कि चावला और कुरैशी के रहते उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव होना नामुमकिन है।
माना जा रहा है कि मायावती की यह नाराजगी निर्वाचन आयोग द्वारा सोमवार को जौनपुर के तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की वजह से है।
मायावती ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने बिना सबूत के तीनों पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की है। बिना सबूत इस तरह की कार्रवाई से उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि खराब हो रही है।
गौरतलब है कि गत 13 अप्रैल को जौनपुर में इंडियन जस्टिस पार्टी (इंजपा) के उम्मीदवार बहादुर सोनकर की कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। सोनकर के परिजनों ने बसपा उम्मीदवार धनंजय सिंह पर हत्या का आरोप लगाया था।
निर्वाचन आयोग ने पिछले दिनों सोनकर की कथित हत्या की जांच के लिए उत्तर प्रदेश कैडर के बाहर के दो प्रशासिनक अधिकारियों को भेजा था।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों मायावती ने राज्य के मुख्य गृह सचिव फतेह बहादुर सिंह को हटाए जाने पर भी निर्वाचन आयोग पर जमकर हमला बोला था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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