प्रभाकरण को 24 घंटे की मोहलत

राजापक्षे ने कहा है कि उनकी सेना लिट्टे के ठिकानों के करीब पहुंच चुकी है। सिर्फ 20 वर्ग किलोमीटर के इलाके में सैन्य कार्रवाई बाकी है। इसलिए अंतिम कार्रवाई में सेना जरा भी नहीं झिझकेगी।
आत्मघाती हमलों में 17 मरे
इसी बीच तमिल विद्रोहियों के आत्मघाती विस्फोट कर दिया, जिसमें 17 लोगों के मारे जाने की खबर है। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदय नानायाक्कारा ने बताया कि पलायन कर रहे नागरिकों पर लिट्टे द्वारा गोले दाग रहे हैं। सुबह नागरिकों का पलायन रोकने के लिए लिट्टे ने एक आत्मघाती हमला भी किया, इसमें महिलाओं और बच्चों सहित 17 नागरिक मारे गए।
सरकारी टेलीविजन ने हजारों नागरिकों के भागकर सेना के नियंत्रण वाले इलाके में प्रवेश करने के दृश्यों को दिखाया है। सेना के नियंत्रण वाला इलाका लोगों से भर गया है। इनमें से अधिकांश के पास बच्चों और एक झोले के सिवाय कुछ नहीं है।
70 हजार नागरिक अभी भी फंसे
सेना के अधिकारियों का कहना है कि करीब 12 किलोमीटर के तटवर्ती इलाके में पिछले तीन महीने से हजारों नागरिकों को बंधक बना कर रखा गया है। इनमें से कुछ ग्रामीण निकल भागने में भी सफल हुए। सेना के अनुमान के अनुसार करीब 70 हजार नागरिक अभी भी तटीय इलाके में फंसे हुए हैं, जहां पेयजल की भारी कमी है। सरकार ने इन इलाकों में जहाजों से खाद्यान्न भेजा है।
एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2009 के आरंभ में तमिल विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके से भागकर करीब 68,000 नागरिक सरकार के नियंत्रण वाले शिविरों में गुजारा कर रहे हैं। सेना का दावा है कि लिट्टे का सफाया करने के लिए सैनिक अभियान निर्णायक चरण में है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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